जब भी मानवता /धर्म का हास हुआ है तब तब प्रभु इस पृथ्वी पर अवतार लेते है

जब भी मानवता /धर्म का हास हुआ है तब तब प्रभु इस पृथ्वी पर अवतार  लेते है

दी न्यूज एशिया समाचार सेवा 

जब भी मानवता /धर्म का हास हुआ है तब तब प्रभु इस पृथ्वी पर अवतार लेते है

मेरठ। प्रभु श्री राम का अवतार इस धरा पर एक महत्वपूर्ण प्रयोजन से हुआ ।इस पृथ्वी पर जब भी मानवता /धर्म का हास हुआ है तब तब प्रभु इस पृथ्वी पर अवतार लेते है। द्वितीय दिवस में व्यास पीठ पर विराजित आचार्य राकेश मोहन ने राम के अवतार लेने की की कथा का वर्णन किया ।

उन्होंने अवतार के के संदर्भ को कहा की राम ने अवतार क्यों लिया ।ये प्रसंग भगवान भोलेनाथ ने मा पार्वती को को बताया जब जब होय धर्म की हानि, बढ़ी असुर अधर्म अभिमानी भगवान के अवतार लेने का प्रथम कारण जब पृथ्वी पर पापियों/असुर का बोझ बढ़ता है,जब जब धर्म की हानि होती हे संसार में अत्याचार बढ़े तब धर्म की रक्षा के लिए अधर्म का नाश करने के लिए भगवान अवतार लेते है।श्री राम के अवतार ले रहे की जान कर देवताओं में भी होड़ लग गई ।नारद जी द्वारा श्राप  चलते ,की अगले अवतार युग में वानर ही आपके कार्य में सहायक होंगे का श्राप ही सभी देव वानर रूप में रहे और प्रभु राम के काज में सहायक रहे। व्ही संकादिक ऋषि के श्राप के कारण,,,, जय , विजय जो की बैकुंठ धाम में निवास कर रहे थे और तीन जन्मों तक  राकक्षस के रूप में जन्म लिया ।पहला हिरणाकशयप जिसको नर्सिंग अवतार ने मुक्ति दी दूसरा जन्म कुंभकर्ण और रावण जिनको श्री राम के हाथो मुक्ति , ओर तीसरे जन्म में शिशुपाल बना जिसको श्री कृष्ण ने मुक्ति दी।तब दोनो श्राप से मुक्त हुए ।इसलिए भगवान अपने प्रिय भक्तो की मुक्ति के लिए भी अवतार लेते है इसलिए आज कलयुग में राम का नाम ही उद्धार करने के लिए पूर्ण आधार हैं।प्रथम पूजन रजत चौधरी ने अपनी पत्नी के साथ किया और आरती कर्ता भाजपा नेता आलोक सिसोदिया शरद व चेतन चौधरी ने परिवार सहित किया।कल कथा दोपहर 3बजे से प्रभु इच्छा तक रहेगी।।