हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब हमेशा से कायम रही: डा. शरीफ

हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब हमेशा से कायम  रही: डा. शरीफ

दी न्यूज एशिया समाचार सेवा |

हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब हमेशा से कायम

रही: डा. शरीफ

मेरठ। सीसीएसयू स्थित उर्दू विभाग के साप्ताहिक आॅनलाइन कार्यक्रम 'अदब नुमा' में 'अदब और दिवाली' शीर्षक से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता आरिफ नकवी जर्मनी ने की, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर रामपुर से प्रो. शरीफ अहमद कुरैशी, डॉ. रामगोपाल भारतीय, डॉ. ईश्वर चंद गंभीर, गजल गायक मुकेश तिवारी शामिल रहें। कार्यक्रम की शुरूआत कुराने पाक की तिलावत, गणेश एवं सरस्वती वंदना से हुई।
विभाग की छात्राओं रूजा खान और शबनम ने नजीर अकबराबादी और नसीर बनारसी की दिवाली से संबंधित नज्में प्रस्तुत की। डॉ. शरीफ ने अदब में दिवाली के महत्व को दर्शाते हुए अपनी शायरी में  दीपावली के रंग को पेश किया और बताया, हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब हमेशा से कायम रही है। दीपावली किसी एक वर्ग का हिस्सा नहीं बल्कि, अंधेरे से उजालों की ओर चलने वाला एक रास्ता है, जो सदियों से कायम रहता आया है और रहेगा। प्रो. असलम जमशेदपुरी ने दिवाली से जुड़े अपने अनुभवों को सबके साथ साझा किया और बताया, उर्दू शायरों और हिंदी कवियों ने किस प्रकार अदब में दिवाली को शामिल किया है। आयुसा की अध्यक्षा डॉ. रेशमा परवीन ने कहा, सबके जीवन हर पल इसी प्रकार दीयों की रोशनी की तरह ज्ञान का उजाला फैला रहे। अपने अध्यक्षीय अभिभाषण में आरिफ नकवी ने कहा, हम सब हिंदुस्तानी तहजीब का एक अहम हिस्सा है और यह त्योहार हमें आपस में जोड़ने का एक माध्यम है। कार्यक्रम में सईद सहारनपुरी, मुहम्मद शमशाद, फैजान जफर, फरहा नाज, गुलनाज, मरियम, शिफा खान, नायाब खान, मोहम्मद इमरान आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अलका वशिष्ठ ने किया।