चाइल्ड पीजीआई  में स्थापित हुई मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई

चाइल्ड पीजीआई  में स्थापित हुई मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई

चाइल्ड पीजीआई  में स्थापित हुई मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई

संस्थान के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने किया उद्घाटन

दी न्युज़ एशिया समाचार सेवा ।

नोएडा, 30 जून 2022। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (चाइल्ड पीजीआई) के नियोनेटोलॉजी विभाग में बृहस्पतिवार को मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई (एमएनसीयू) शुरू हुई। चार बिस्तरों वाली एमएनसीयू का उद्घाटन संस्थान के निदेशक  डॉ अजय सिंह ने किया। इस इकाई में बीमार बच्चे के बिस्तर के साथ-साथ मां के लिए भी एक बिस्तर होगा। 

नियोनेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ रुचि राय ने बताया एमएनसीयू में बच्चे की देखभाल स्वयं मां कर सकेगी। इस इकाई में मां अपने बीमार बच्चे के साथ चौबीस घंटे रह सकेगी और बच्चे को स्तनपान कराने के साथ कंगारू मदर केयर (केएमसी) बेहतर तरीके से देने में सक्षम होगी।  केएमसी एक अनूठा तरीका है जिसमें मां अपने बच्चे को अपनी छाती पर त्वचा से त्वचा के संपर्क में रखती है।  इस विधि का उपयोग बच्चे को गर्म रखने के लिए किया जाता है और यह समय से पहले जन्मे और कम वजन के बच्चों का तेजी से वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।  यह उन बच्चों के लिए मददगार होगा जो एनआईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन बहुत बीमार नहीं हैं यानि उन्हें वेंटिलेटर या ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं है और वह अंतःशिरा तरल पदार्थ पर निर्भर नहीं हैं।

उन्होंने बताया-एमएनसीयू की यह अवधारणा शिशुओं को बेहतर तरीके से ठीक होने में मदद करेगी और साथ ही माताओं को अपने बच्चों को केएमसी देते समय अधिक आराम मिलेगा।  इकाई की छत,  दीवारों एवं पर्दे आदि में गुलाबी और हरे रंग का प्रयोग किया गया है जो माँ और बच्चे दोनों के लिए सुखदायक है और यह एक खुशनुमा माहौल देने में सक्षम है।  दीवारों को शिक्षाप्रद पोस्टरों से भी सजाया गया है ताकि मां को केएमसी और नवजात देखभाल के अन्य पहलुओं के बारे में शिक्षित किया जा सके।

इस इकाई को विकसित करने में तकनीकी सहायता एक गैर सरकारी संगठन कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब (सीईएल) द्वारा प्रदान की गई है। उद्घाटन अवसर पर, संस्थान के डीन प्रो डी के सिंह, सीएमएस, प्रो मनीष गिरहोत्रा, एमएस डॉ आकाश राज एवं प्रिया चतुर्वेदी, केएमसी क्वालिटी इंप्रूवमेंट कोऑर्डिनेटर, सीईएल सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।