पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की एक बैठक का आयोजन सात फेरे रेस्टोरेंट गढ़ रोड पर किया गया

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

आज दिनांक :- 19/10/2022 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की एक बैठक का आयोजन सात फेरे रेस्टोरेंट गढ़ रोड पर किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने की व संचालन महामंत्री विपुल सिंघल ने किया आज के मुख्य अतिथि व्यापारिक कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष माननीय श्री रविकांत गर्ग जी रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की ओर से माननीय मंत्री श्री रवि कांत जी को मेरठ में प्रदेश स्तर की व्यापारिक व आमजन की समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम पत्र दिया गया जिसमें 22 विषयों पर निराकरण के लिए आग्रह किया गया।

1. बच्चों के ड्राइविंग लाइसेंस की उम्र सीमा 18 से घटाकर 15 की जाए ताकि वह बच्चे स्कूटी पर ट्यूशन पढ़ने अथवा स्कूल जा सके। जाते अब भी हैं परंतु अभी बिना लाइसेंस के जाते हैं, उन्हें नियमों का भी ज्ञान नहीं होता, नियमित होगा तो नियमों का ज्ञान भी रहेगा और डर भी बना रहेगा।

2. प्रत्येक जिले में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग के नाम पर दूसरे जिले तथा अन्य प्रदेशों की आई हुई गाड़ियों की चेकिंग के नाम पर लूट की जाती है, यह तत्काल बंद की जानी आवश्यक है । केवल उसी के कागज़ चेक किए जाएं जो गाड़ी संदिग्ध लगे अथवा जिसने नियम तोड़े हो |                                        
3. एनसीआर में एनजीटी के लागू हुए 10 साल व 15 साल के डीजल व पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किए जाने में विलंब किया जाए। जब तक स्क्रैप पॉलिसी ना आ जाए ,गाड़ियों को स्क्रैप करने की फैक्ट्रियां/ इकाइयां ना लग जाए जब तक इन गाड़ियों को स्क्रैप ना किया जाए अन्यथा इन्हें काट कर इनका दुरुपयोग किया जाएगा।

4. ई रिक्शा चलाने वाले चालकों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया आवश्यक की जाए। देखने में आता है कि बहुत ही छोटी उम्र से लेकर के 90 साल से अधिक वर्ष के बुजुर्ग इसे चलाते हैं, जिनको  नियमों का भी खास ज्ञान नहीं होता।

5. व्यापारी वर्ग के द्वारा सरकार जीएसटी एकत्रित करने का काम करती है। व्यापारी का काम जीएसटी ग्राहक से वसूलना, रिकॉर्ड मेंटेन करना, सरकार के खातों में जमा करना तथा उसके पश्चात अपनी रिटर्न भरना और कागज चेक कराने में व्यापारी को किसी प्रकार की मदद सरकार की ओर से नहीं मिलती है। जीएसटी   वसूलने हेतु जिस प्रकार 5 परसेंट 18 परसेंट 28 परसेंट के स्लैब सरकार द्वारा बनाए गए हैं, उसी प्रकार 3 परसेंट से लेकर 5 परसेंट तक व्यापारी को एकत्रित जीएसटी में से वापस दिए जाने की आवश्यकता है ,ताकि वह अपने रिकॉर्ड मेंटेन कर सके और ज़िम्मेदारी के साथ  ग्राहक से वसूली कर सके । ऐसा ना किए जाने की स्थिति में ग्राहक से जीएसटी वसूलने की जिम्मेदारी सरकार की हो व्यापारी की ना हो। व्यापारिक प्रतिष्ठान से बाहर जाते हुए ग्राहक से सरकार  सड़क पर अपने आप जीएसटी वसूल करें।

6. व्यापारी वर्ग के शस्त्र लाइसेंस बनाने में किसी प्रकार की बाधा न हो। गंभीर अपराधों में लिप्त व्यापारी को छोड़ सभी को शस्त्र लाइसेंस की खुली छूट दिए जाने की आवश्यकता है।

7. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न निर्वाचन के टेंट, लाइट, बैरिकेडिंग इत्यादि के ठेकेदारों को पिछले 5 साल तक के भुगतान नहीं हुए हैं इन सभी व्यापारियों के भुगतान तत्काल रुप से कराया जाए ताकि वह अपने व्यापार को चला सके और बच्चों का भरण पोषण कर सकें।

8. अन्य आयोग की तर्ज पर व्यापारी आयोग के गठन किए जाने की आवश्यकता है जिससे व्यापारियों की कठिनाइयों को शासन तक पहुंचाकर निवारण किया जा सके। आयोग का प्रतिनिधित्व व्यापारी ही करें।

9. जीएसटी काउंसिल में व्यापारी का प्रतिनिधित्व भी आवश्यक है,  व्यापारी आयोग के अध्यक्ष को जीएसटी काउंसिल का सदस्य नियमित किए जाने की आवश्यकता है।

10. जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को सरकारी विभागों में वरीयता दिलाये जाने हेतु किसान कार्ड की तर्ज पर व्यापारी कार्ड बनाए जाने की आवश्यकता है।

11. जीएसटी पंजीकृत व्यापारी को निजी व सरकारी अस्पतालों में केंद्रीय व राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर सीजीएचएस के रेटों पर उपचार कराने की सुविधा दी जाए इन सी जी एच एस की दरों पर उपचार के खर्च को व्यापारी खुद वहन करेगा और नगद भुगतान करेगा।

12. प्रदेश के सभी रेस्टोरेंट , होटल, मॉल व ग्रोसरी स्टोर  पर विदेशी मदिरा बेचने की अनुमति दी जाये। सालाना फीस ली जाए ,लाइसेंस की प्रक्रिया लागू ना की जाए।

13. 10 साल पुराने डीजल वाहन व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन को प्रतिबंधित की जाने के पश्चात आम जनमानस व व्यापारी समाज को जबरन पुराने वाहन के बदले नया वाहन खरीदने की आवश्यकता होती है। सरकार से निवेदन है किस सरकार/ एनजीटी के आदेशों पर नया वाहन खरीदने पर व्यापारी को पुराने वाहन के बिल में दिए गए जीएसटी की नए वाहन की खरीद पर छूट दिए जाने की आवश्यकता है।

14. सरकार द्वारा बैंक की मदद से व्यापारियों को विभिन्न योजनाओं की मद में लोन दिए जाने का प्रावधान दिया गया है।  बैंक के कर्मियों की शिथिलता के कारण व्यापारियों को लोन नहीं मिल पाता है। निवेदन है कि  बैंक द्वारा लोन दिए जाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा बैंक को टारगेट दिया जाए ताकि वह अधिक से अधिक लोन पास कर ज्यादा से ज्यादा व्यापारियों के व्यापार को चलाने में मदद कर सके।

15. मेरठ स्वर्ण नगरी में आभूषणों के निर्यात को पंख लगाने के लिए आभूषण उद्योग के लिए औद्योगिक नगरी के विकास किए जाने की आवश्यकता है।

16. ट्रांसपोर्ट नगर, नवीन मंडी की तर्ज पर प्रत्येक जिले में मंडप नगर व  टेंट नगर विकसित किए जाने की आवश्यकता है।

17. प्रदेश के प्रत्येक जिले में  जिस प्रकार की इंडस्ट्री का चलन है उस इंडस्ट्री के लिए अलग से औद्योगिक नगरी/ क्लस्टर बनाये जाने की आवश्यकता है, जैसे मेरठ में स्पोर्ट्स, कानपुर में चमड़ा उद्योग इत्यादि।

18. जिस प्रकार प्रदेश के बड़े शहरों को अन्य शहरों से राजमार्गों  द्वारा जोड़कर विकसित किए जाने की योजना बनाई गई है , इसी तर्ज पर प्रत्येक बड़े शहर में कम से कम पांच बड़ी मल्टी लेवल पार्किंग बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि शहर को जाम से मुक्ति मिल सके।

19. ई रिक्शा के बढ़ते चलन से सभी शहर जाम से जूझ रहे हैं। ई रिक्शा चालक का किसी भी प्रकार का ड्राइविंग लाइसेंस न होना तथा ई-रिक्शा का पंजीकरण ना होना एक सर दर्द बनता जा रहा है । इसको नियंत्रित किया जाए।

20. गाजियाबाद के शाहबेरी गांव में जुलाई 2018 में एक बिल्डिंग के गिरने के पश्चात उस क्षेत्र की लगभग 1450  बिल्डिंग और कई हजार फ्लैट सील कर दिए गए थे, तथा वहां पर किसी भी प्रकार की कंस्ट्रक्शन पर रोक है । इस क्षेत्र का जल्द ही निर्णय लेकर खेती कराई जाए अथवा इन बिल्डिंग को नियमित कर लोगों को रहने के लिए मकान दिए जाए। इसी तर्ज पर प्रदेश में जहां पर भी अवैध कॉलोनी है वहां उन्हें नियमित करने अथवा ठोस निर्णय पर जोर दिए जाने की आवश्यकता है।

21. पुराने स्कूटर को काट कर सभी शहरों में तीन पहिया जुगाड़ पुराने स्कूटर के इंजन पर बना कर चलाये जा रहे हैं , इन सभी जुगाड़ को तत्काल सीज कराया जाए । ऐसा करने से दुर्घटनाएं भी कम होगी और नए पंजीकृत वाहन की बिक्री भी बढ़ेगी फलस्वरूप सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी और प्रदूषण भी कम होगा।

22. सड़क पर जीएसटी कर्मियों द्वारा वाहन पकड़े जाने पर उन्हें सीज न किया जाए, और ना ही चेकिंग के बहाने उन्हें दफ्तर ले जाया जाए। व्यापारी के माल वाहन को गंतव्य तक पहुंचने दिया जाए ताकि बहुत जरूरी सामान होने पर किसी भी व्यापारी का नुकसान ना हो। जब वह ट्रक अनलोड हो तब उसकी चेकिंग वहां के लोकल स्थानीय अधिकारियों द्वारा की जा सकती है।
विपुल सिंघल ने ने मेरठ की खस्ता सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का निवेदन किया और सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंश को गौशाला तक पहुंचाने के लिए कहा।

व्यापारी कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष माननीय श्री रविकांत गर्ग जी ने कहा कि वह  मेरठ आगमन पर व्यापारियों के बीच आकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ क्रांतिकारी भूमि होने के साथ-साथ व्यापार का एक बहुत बड़ा केंद्र है।  व्यापारी नेता स्वर्गीय ओ पी खन्ना जी  को  याद करते हुए कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि वह उनके जमाने से मेरठ के व्यापार संघ के नेता अरुण वशिष्ठ जी ,सत्य प्रकाश अग्रवाल जी, विजेंद्र अग्रवाल जी व आम व्यापारियों के संपर्क में लगातार रहे हैं। व्यापारी देश की ऐसी पूंजी है जो अर्थव्यवस्था की भी रीड है और देश की वितरण व्यवस्था की भी रीढ़ है। आज संपूर्ण देश में चाहे वह राज्य सरकार हो अथवा केंद्र सरकार हो कितना भी कार्य कर ले परंतु वे उस वितरण व्यवस्था को पूर्ण नहीं कर सकती जो हमारे संपूर्ण समाज की आवश्यकता होती है, जिसे केवल व्यापारी ही कर सकता है। छोटे व्यापारी हो चाहे बड़ा व्यापारी हो वह इस व्यवस्था को संभालता है क्योंकि उसके अंदर समर्पण का भाव होता है। व्यापारी 16 घंटे से अधिक कार्य करता है कड़क जाड़े में चाहे वह पहाड़ों पर हो दिसंबर और जनवरी का महीना हो तब भी व्यवस्था को संभालता है। रात को 2:00 बजे भी जनता को किसी भी वस्तु की आवश्यकता होने पर व्यापारी के दरवाजे हमेशा खुले होते हैं। चाहे वह गर्मी के माई जून के महीने हो तब भी रेगिस्तान में रहने वाला व्यापारी भी लोगों तक वितरण व्यवस्था संभालने का काम करता है। खरीदार के पास पैसे ना होने की अवस्था में भी व्यापारी उसको सामान मुहैया कराने का काम करता है। व्यापारी आर्थिक व्यवस्था को चलाने में, सामाजिक व्यवस्था हो,चाहे धार्मिक व्यवस्था हो उसको चलाने में सर्वाधिक योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भाईचारे का यदि कोई सबसे बड़ा प्रतीक है तो वह व्यापारी है। चींटी से लेकर हाथी तक और भिखारी से लेकर भगवान तक सेवा करने के लिए कोई समाज है तो वह व्यापारिक समाज है। ऐसे व्यापारिक समाज को किसी प्रकार का कष्ट अथवा किसी प्रकार की वेदना हो तो वह कष्ट की बात है। उन्होंने कहा कि व्यापारी संगठन के माध्यम से अपने आप को बचाता है अपने व्यापार को बढ़ाता है अपने परिवार को पालता है। हमें व्यापारिक संगठनों को मजबूत बनाकर रखना चाहिए। मेरठ मजबूत व्यापारिक एकता का मिसाल रहा है उन्होंने माना कि मेरठ के कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए संगठन को कमजोर करने का काम किया है । उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी समस्याएं व मुद्दे पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल द्वारा दिए गए हैं उन्हें प्रदेश स्तर पर व केंद्र स्तर पर रखकर निराकरण कराने का काम करेंगे।
इस मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, महामंत्री विपुल सिंघल, सुबोध गुप्ता, नवीन अग्रवाल, प्रमोद केला, सुनील गुप्ता, आलोक सिसोदिया, ब्रज मोहन गुप्ता, राकेश गुप्ता, पवन अरोड़ा, रुचि गर्ग, मीनू सक्सेना, संगीत गुप्ता, शिखा बंसल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।