पारिवारिक सम्पत्ती का रेजिस्ट्रेशन हुवा सस्ता व सुलभ । मुकदमों में आएगी कमी ।

परिवार का मुखिया कर सकेगा अपनो में सम्पत्ति के बटवारे का रजिस्ट्रेशन ।

पारिवारिक सम्पत्ती का रेजिस्ट्रेशन हुवा सस्ता व सुलभ । मुकदमों में आएगी कमी ।

दी नयूज एशिया समाचार सेवा ।

आज दिनाँक 15/06/2022 को लखनऊ में योगी कैबिनेट ने लिया एक बड़ा फैसला । अबतक यदि कोई व्यक्ति अपने पारिवारिक अचल संपत्ति का अंतरण अपने परिवार में करना चाहता हैं तो उसको सरकारी  सर्कल रेट के अनुसार संपत्ति की वैल्यू का 7% स्टाम्प व महिला के केस में 6% स्टाम्प अदा करके ही अंतरण मुमकिन था और पैसे के अभाव में परिवार में संपत्ति का अन्तरण बहोत कम होता हैं और संपत्ति मुकदमेबाजी में पड़ जाती हैं इसी को बचाने व पारिवारिक अन्तरण को सरल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आज एक अहम फैसला लिया ।

यूपी सरकार ने केवल पारवारिक अन्तरण में दी ये सुविधाएं ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया की यदि किसी परिवार का मुखिया अपने परिवार के सदस्यों में अपनी संपत्ति का बटवारा अपने जीते जी करना चाहता हैं तो केवल 5000 रुपये का स्टाम्प अदाकर वह  अपनी संपत्ति अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम रेजिस्टर्ड कर सकता हैं । अब अपनों के नाम करने के लिए गिफ्ट डीड (दान विलेख) में 5000 रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री करने की सुविधा दे दी गई है. हालांकि शुरुआती दौर में इसकी वैधता केवल  छह महीने के लिए ही होगी ।

अब तक हैं ये नियम । सम्पत्ति ट्रांसफर करने में आती ये अड़चनें

यदि कोई व्यक्ति अपनी अचल संपत्ति को अपने परिवार के सदस्य के नाम कराने चाहता हैं तो गिफ्ट डीड (दान विलेख) में सर्किल रेट के अनुसार सम्पत्ति की वैल्यू का 7% व 6% स्टाम्प देना पड़ता हैं ।और इसके अतिरिक्त सम्पत्ति की वैल्यू का 1% रजिस्ट्रेशन शुल्क अदा करना पड़ता हैं।10 लाख तक महिलाओं के लिए 6% स्टाम्प अर्थात केवल 1%की छूट मिलती हैं। इएलिये पैसे के अभाव मैं सम्पत्ति का रेजिस्ट्रेशन नही हो पाता और मुकदमे शुरू हो जाते हैं कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं ।

केवल परिवार के लिए हैं ये सुविधा । इनको मिलेगा लाभ ।

परिवार के दायरे में पारिवारिक सदस्यों में पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु, दामाद, सगा भाई, सगी बहन, पुत्र व पुत्री का बेटा-बेटी आएंगे इसके  अनुसार छूट का लाभ स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने की तिथि से दिया जाएगा।केवल छह माह तक  छूट मिल पाएगी ।इसके बाद राजस्व व रजिस्ट्रियों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर समय-सीमा छह माह से आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा ।