अपने आपको MDA कर्मचारी बता पुहंच गए वकील के चेम्बर पर उगाही करने ।

मेरठ बार एसोसिएशन के वकील से अवैध धन उगाही करने पुहंच गए कचेहरी वकील के चैम्बर पर।अपने आपको बताया MDA कर्मचारी। अधिवक्ताओ ने किया इलाज।

अपने आपको MDA कर्मचारी बता पुहंच गए वकील के चेम्बर पर उगाही करने ।

दी न्युज़ एशिया समाचार सेवा ।

मेरठ । अपने आप को  MDA के कर्मचारी बता मेरठ बार  एसोसिएशन के  वकील से धन उगाही के लिए पहुंच गए कचहरी ।

मेरठ बार एसोसिएशन के वकीलो ने अपने आपको MDA कर्मचारिय बताने वाले फ़र्ज़ीयो को पकड़कर किया पुलिस के हवाले ।


मेरठ । अजय कुमार  गोयल  पुत्र राम अवतार  गोयल  निवासी  कंकरखेडा ने सिविल लाइन मेरठ के थानाध्यक्ष को  शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने पुराने मकान का मरम्मत कार्य करा रहा है । अजय कुमार ने बताया कि दीनाँक 23/06/2022 को  कचहरी स्थित अपनी सीट पर बैठकर वकालत का कार्य कर रहा था तभी मंगल सैन पुत्र दीपचन्द नि०- ग्राम नीमका मेरठ व दूसरा सचिन पुत्र राजेन्द्र नि०-गंगा नगर, मेरठ नाम के दो लड़के आये तथा स्वयं को एम०डी०ए० का कर्मचारी बताकर  धमकी दी कि बिना अनुमति के मकान की मरम्मत कर रहे हो।  मकान को एम०डी०ए० से ध्वस्त करा सकते हैं ।उन्होंन अवैध रूप से दस हज़ार रूपये की मांग की। सन्देह होने पर मैने व आस पास बैठे अधिवक्ताओं ने परिचय पत्र मांगा तो उक्त लोग  कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाये। सन्देह होने पर कई अधिवक्ताओं की सहायता से  दोनों को पकड़ लिया तथा कचहरी स्थित पुलिस चौकी से पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया है। ये लोग फर्जी तरीके से कभी एम०डी०ए० का कर्मचारी तो कभी पत्रकार बताकर ठगी करने का प्रयास कर रहे थे। वकीलों की माने तो पुलिस  ने लेन-देन के बाद दोनो आरोपियो को थाने से  ही जमानत दे दी, पुलिस ने इस मामले में अपनी सांठगांठ करके कम धारा में मुकदमा लिखकर थाने से जमानत दे दी। जबकी फर्जी तरीके से ये  कर रहे ये लोग उगाई। सूत्रों की माने तो अभी 10 दिन पूर्व में भी इन लोगों ने अब्दुल्लापुर चल रहे एक गरीब व्यक्ति के मकान पर भी इस तरह की उगाई करके उनसे ₹2000 वसूले थे जिसमें उनको बार-बार मकान पर ध्वस्तीकरण कराने की धमकी दी जा रही थी। अपने आपको एम डी ए कर्मचारी बताकर आए दिन उगाईं करते हैं इन दोनों व्यक्तियों के पास कोई डिग्री भी नही है। ये अपने को पत्रकार बताते हैं ।अनपढ़ लोग कैसे पत्रकार बन सकते है। इस बात से कुछ इस तरह के व्यक्ति सरकार के चौथे स्तंभ को बदनाम करने में लगे हुए हैं। इस बात की शिकायत हमारे एसएसपी साहब को भी की गई लेकिन इस मामले में कोई भी किसी तरीके की सुनवाई नहीं हो पाई है इन दोनों व्यक्तियों के पास कई फर्जी तरीके से आई कार्ड मिले हैं। जिसमें पुलिस ने धोखाधड़ी की कोई भी धारा इस मुकदमे में शामिल नहीं की गई है। मुकदमे की धारा 385 जिसमें परेशान करने की धारा लगाई गई हैं। न ही धोखाधड़ी की धारा न ही रंगदारी की धारा इस मुकदमे में शामिल की गई है। इस बात से बार एसोसिएशन के  सदस्यो में गहरा  रोष  हैं।अब बार सदस्य एसएसपी साहब को पत्र लिखकर कार्रवाई कराने की मांग करेंगे ।