शिक्षक दिवस पर वेंक्टेश्वरा संस्थान में ’’शिक्षक सम्मान समारोह’’ एवं’’राष्ट्र विकास में शिक्षक की भूमिका’’ विषय पर संगौष्ठी

शिक्षक दिवस पर वेंक्टेश्वरा संस्थान में ’’शिक्षक सम्मान  समारोह’’ एवं’’राष्ट्र विकास में शिक्षक की भूमिका’’ विषय  पर संगौष्ठी

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

शिक्षक दिवस पर वेंक्टेश्वरा संस्थान में ’’शिक्षक सम्मान समारोह’’ एवं’’राष्ट्र विकास में शिक्षक की भूमिका’’ विषय पर संगौष्ठी

-’’रस्साकशी की अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं वेंक्टेश्वरा से प्रबन्धन में मास्टर्स कर रही अजहा खान एवं उनके कोच को भी क्रमशः ’’एकलव्य’’ एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार’’ देकर किया सम्मानित 

-शिक्षक भाग्य विधाता नहीं, बल्कि राष्ट्र विधाता- डॉ. सुधीर गिरि, चेयरमैन वेंक्टेश्वरा समूह

-शिक्षा के साथ-2 विभिन्न खेल स्पर्धाओ में विशेष रूप से बालिकाओ को आगे बढाने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष एक दर्जन राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय बालिका खिलाड़ियों को करेगा स्पांसर- डॉ0 राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान

मेरठ। आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा संस्थान में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षा जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 200 शिक्षको को ’’सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान’’ एवं खेलो में राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाडियों एवं उनके कोच को क्रमशः एकलव्य सम्मान व द्रोणाचार्य सम्मान में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ’’राष्ट्र विकास में शिक्षक की भूमिका’’ विषय पर संगौष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमे सभी वक्ताओ ने एक सुर में शिक्षक की भूमिका को भगवान से भी ऊपर रखते हुए उसको राष्ट्र विधाता बताया।

शिक्षक दिवस पर वेंक्टेश्वरा संस्थान के सर्वपल्ली राधाकृष्णन सेन्ट्रल सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह एवं संगौष्ठी का शुभारम्भ वेंक्टेश्वरा समूह चेयरमैन डॉ0 सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ0 राजीव त्यागी, कुलपति प्रो0 पी0के0 भारती, कुलसचिव डॉ0 पीयूष पाण्डेय एवं मेरठ परिसर निदेशक डा0 प्रताप सिंह आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।

इसके बाद ’’राष्ट्र विकास में शिक्षक की भूमिका’’ संगौष्ठी को सम्बोधित करते हुए समूह चेयरमैन डॉ0 सुधीर गिरि ने कहा कि हमारे शास्त्रों/ग्रन्थो में पौषणिक काल से ही  शिक्षको को भगवान से ऊपर का दर्जा दिया गया है, यह बिल्कुल प्रांसगिक भी है क्योंकि भगवान भाग्य विधाता है, जबकि शिक्षक भविष्य एवं राष्ट्र निर्माता है। शिक्षा के दम पर ही भारत एक बार फिर दुनिया का सिरमौर बनने की ओर अग्रसर है। शिक्षा संगौष्ठी को प्रतिकुलाधिपति डॉ0 राजीव त्यागी, कुलपति प्रो0 पी0के0 भारती, कुलसचिव डॉ0 पीयूष पाण्डे, नर्सिंग डीन डॉ0 एना ऐरिक ब्राउन एवं मेरठ परिसर निदेशक डा0 प्रताप सिंह आदि ने सम्बोधित किया। 

इसके बाद संस्थान के छात्र-छात्राओ ने अपने प्रिय गुरूजनो के सम्मान में शानदार सांस्कृति कार्यक्रम पेश कर सभी को तालिया बजाने पर विवश कर दिया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारो (इनोवेशन) के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 200 शिक्षको को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं राधाकृष्णन शिक्षक सम्मान देकर विभूषित किया गया।

इस अवसर पर डीन मेडिकल डॉ0 संजीव भट्, डॉ0 एन0के0 कालिया, डॉ0 सी0पी0 कुशवाहा, डॉ0 एस0एन0 साहू, डॉ0 उमेश कुमार, मेरठ परिसर निदेशक डॉ0 प्रताप सिंह, डा0 रवि शंकर, डॉ0 रोकश यादव, अलका सिंह, डा0 बीसी दूबे, ब्रजपाल सिंह, डॉ0 संजय तिवारी, डॉ0 राजेश ंिसह, डॉ0 आर0एन0 सिंह, अरूण गोस्वामी, डॉ0 अनिल जयसवाल, विकास भाटिया, अभिनव राणा, पूजा शर्मा, आंचल, शर्मिला एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।