सुभारती लॉ कॉलिज में पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम का आयोजन

सुभारती लॉ कॉलिज में पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम का आयोजन

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

सुभारती लॉ कॉलिज में पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम का आयोजन

 Meerut -स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलिज में पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम के संयोजक रवि सक्सेना ने  विधि विभाग के संकायाध्यक्ष का पौंधा भेंट करके स्वागत किया, तदानुपरांत समागम कार्यक्रम का शुभारम्भ सुभारती विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय ने सभी शिक्षकों व पुरातन छात्रों के संग माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने पुरातन छात्रों को आर्शीवाद देते हुए कहा कि एक बार फिर से अपने छात्रों को देखकर खुशी हो रही है। आपका विधि का क्षेत्र बहुत पवित्र है। इसकी पवित्रता को हमेशा बरकरार रखना और जो भी संस्कार आपने अपने कॉलिज और शिक्षकों से पाए है, उन्हें अपने जीवन में हमेशा साकार करना।

 

सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलिज के मूट कोर्ट सभागार का खूबसुरत मंच, बीते वक्त की यादों को दुबारा जिलाता कैम्पस, गीत संगीत, शेरो-शायरी, किस्से-दास्तानों में गूंजते हंसी के ठहाके और खुषनुमा माहौल। सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलिज की एलुमनाई मीट में आज यही नजारा था।

समागम कार्यक्रम के संयोजक रवि सक्सेना ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए स्वागत भाषण प्रेषित किया। इस कार्यक्रम में अदिति, शगुन एवं  दिव्या ने नृत्य प्रस्तुत किया। गार्गी एवं ईशा ने अपने गीतों से सबको मंत्रमुग्ध कर किया। इसके अलावा गौरव ने कविता प्रस्तुत की। पुरातन छात्रों में प्रो.(डॉ.) रीना बिश्नोई, अवि चौधरी, अपेक्षा चौधरी, एना सिसौदिया, प्राची गोयल, रवि सक्सेना, रामेष्ठ धर द्विवेदी, पूजा एवं मनीषा आदि ने अपने अपने अनुभव साझा कर कॉलिज तथा अपने शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि सुभारती लॉ कॉलिज से प्राप्त किया हुआ ज्ञान और यहाँ का अनुशासन हमेशा हमारा मार्गदर्शक बना रहेगा। आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में यहाँ से सीखा हुआ ज्ञान हमारा प्रेरणास्त्रोत है। हम सभी के जीवन में यहाँ का वातावरण का सकारात्मक प्रभाव हमेशा काम आता है। सुभारती लॉ कॉलिज में शिक्षा के साथ-साथ मिलें संस्कार हमारे जीवन में हमेशा काम आते है। हमारे जीवन में यहाँ के शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञान व संस्कार हमारे जीवन की पूँजी बन चुका है। शिक्षकों ने ना केवल ज्ञान और संस्कार दिये। वरन विनम्रता और दयालुता जैसे गुण भी हमे सिखाएं।

 सुभारती विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि सुभारती परिवार में आप सबका फिर से स्वागत है। आपके चेहरे पर झलकती ताजगी बता रही है कि आप यहाँ आकर कितने खुश है। आपके लिये यह एक सही मंच है, जो आपके शिक्षकों एवं साथियों से पुन: मिलने का मौका देता है। एक शिक्षक को भी अपने पुरातन छात्रों को पुन: देखकर असीम खुशी होती है। सुभारती लॉ कॉलिज ने इतने वर्षों में सफलता की ऊचाईयों को पाकर विधि के क्षेत्र में जो विश्वसनीय नाम कमाया है उसमें हमारे सभी पुरातन छात्रों का भी सहयोग है। सुभारती लॉ कॉलिज ज्ञान के प्रकाश के साथ समाज के सभी वर्गों को सशक्त करने के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता एवं लॉ क्लब के माध्यम से कार्य कर रहा है। हमारा प्रयास है कि हमारे छात्र शिक्षा, सेवा और संस्कार के साथ-साथ सहानुभूति सहिष्णुता, ईमानदारी और मानवता के गुण भी सीखे। उन्होंने आर्शीवाद वचन देते हुए कहा कि अपनी कथनी और करनी में कभी अंतर मत करना और अपनी पहचान, अपनी जड़े कभी मत भूलना।

 

इस कार्यक्रम की सफलता में प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई का विशेष योगदान रहा। छात्रा सृष्टि भारद्वाज व जोया राव ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉ. सारिका त्यागी, डॉ. सरताज अहमद, आफरीन अल्मास, विकास त्यागी, शालिनी गोयल आदि उपस्थित रहें।