केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने अपने नए फंड के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बढ़ाया फोकस

केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने अपने नए फंड के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बढ़ाया फोकस

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने अपने नए फंड के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बढ़ाया फोकस

मेरठ। भारत के दूसरे सबसे पुराने म्यूचुअल फंड केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने आज भारत के अगले मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता का लाभ उठाने की कोशिश के तहत केनरा रोबेको मैन्युफैक्चरिंग फंड के लॉन्च की घोषणा की है। यह फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो भारत के मैन्युफैक्चरिंग थीम पर आधारित है। इस फंड का बेंचमार्क एसएंडपी बीएसई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग टीआरआई इंडेक्स है। यह एनएफओ  16 फरवरी  2024 को खुलेगा। केनरा रोबेको मैन्युफैक्चरिंग फंड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश करने का मौका देता है। एनएफओ 01 मार्च 2024 तक खुला रहेगा।

केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड के सीईओ रजनीश नरूला ने कहा, केनरा रोबेको मैन्युफैक्चरिंग फंड एक ऐसे महत्वपूर्ण समय में बाजार में कदम रख रहा है, जब भारत में मध्यम वर्ग तेजी से ग्रोथ कर रहा है और कामकाजी उम्र की आबादी बढ़ रही है। बढ़ती घरेलू मांग, पॉलिसी में सुधार, मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट और एक स्थिर राजनीतिक माहौल के चलते भारत एक आकर्षक निवेश केंद्र बनने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस फंड को आत्मनिर्भर भारत, पीएलआई, मेक इन इंडिया, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और आयात प्रतिस्थापन जैसे नीतिगत सुधारों से फायदा होगा। केनरा रोबेको के हेड इक्विटीज श्रीदत्त भंडवालदार ने कहा, इस फंड के साथ हम निवेशकों को भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। फंड एक ऐसी विकास रणनीति अपनाएगा जिसका लक्ष्य मैन्युफैक्चरिंग ट्रेंड और अवसरों को भुनाना, संबंधित क्षेत्रों में निवेश करना और मैन्युफैक्चरिंग थीम का प्रतिनिधित्व करना है।

भारत में इस समय ऐसे तमाम सकारात्म फैक्टर्स का संगम देखने को मिल रहा है जो मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ाने के लिए अनुकूल हैं। बड़े और बढ़ते घरेलू बाजार, अनुकूल सरकारी नीतियां, पूंजीगत व्यय के लिए राजकोषीय सपोर्ट, डी-लीवरेज्ड कॉर्पोरेट बैलेंस शीट और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव जैसे कारक भारतीय उत्पादकों को एक्सपोर्ट वैल्यू चेन में भागीदारी का शानदार मौका दे रहे हैं। आयात प्रतिस्थापन और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार संभवतः इन मैक्रो कारकों का परिणाम है। इस फंड के फंड मैनेजर प्रणव गोखले, सीनियर फंड मैनेजर और श्रीदत्त भंडवालदार, हेड इक्विटीज, केनरा रोबेको एएमसी हैं।