मेलबर्न के सौजन्य से शोभित विश्वविद्यालयमें एशिया पेसिफिक सेंटर फॉर वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना 

मेलबर्न के सौजन्य से शोभित विश्वविद्यालयमें एशिया  पेसिफिक सेंटर फॉर वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना 

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

मेलबर्न के सौजन्य से शोभित विश्वविद्यालयमें एशिया

पेसिफिक सेंटर फॉर वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना 

मेरठ  ।आज शोभित विश्वविद्यालय मेरठ में मेलबोर्न (ऑस्ट्रेलिया)  से सेंटर फॉर पेमेंट एक्सीलेंस एशिया पेसिफिक लिमिटेड के  प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। जिनका उद्देश्य मेरठ में अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा उत्पादन संभावनाओं  का अन्वेषण करना था। इस अवसर पर मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल, नगर आयुक्त  डॉ अमित पाल शर्मा, शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र,  पूर्व आईआरएस एवं अध्यक्ष ग्लोबल नॉलेज एलियंस मेलबर्न  अनूप स्वरूप, ग्रुप  सीईओ एंड मैनेजिंग डायरेक्टर सेंटर फॉर पेमेंट एक्सीलेंस एशिया पेसिफिक लिमिटेड  प्रो  ब्रायन ओ डेनियल, प्रोफेसर पॉल, कुलपति प्रोफेसर ए पी गर्ग, प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर जयानंद मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के मुख्य वक्ता प्रो ब्रायन ओ डेनियल एवं प्रोफेसर पॉल  ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किस प्रकार आज ऑस्ट्रेलिया में निकलने वाले अपशिष्ट  का सही इस्तेमाल कर विभिन्न ऊर्जा स्रोतों का उत्पादन किया जा रहा है तथा अपशिष्ट से विभिन्न प्रकार के उपयोग में लाने वाली वस्तुओं को बनाया जा रहा है।

 इस अवसर पर सेंटर फॉर पेमेंट एक्सीलेंस एशिया पेसिफिक लिमिटेड के  प्रतिनिधिमंडल  एवं शोभित विश्वविद्यालय के बीच अपशिष्ट प्रबंधन के लिए साझा करार किया गया। जिसके लिए उन्होंने शोभित विश्वविद्यालय में एशिया पेसिफिक सेंटर फॉर वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना की।  इस अवसर पर बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि शोभित विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं नवाचार के केंद्र के रूप में क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा से प्रयासरत रहा है। जिसके लिए देश-विदेश से तकनीकी सहयोग एवं फंडिंग लाने के लिए शोभित विश्वविद्यालय मेरठ कठिन प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि मेरठ में करीब 10 लाख टन कूड़ा  प्रत्येक वर्ष निकलता है  इसका मतलब प्रतिदिन 800 टन कूड़ा निकल रहा है। श्री नरेंद्र सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आज माननीय मोदी जी के द्वारा वेस्ट टू वेल्थ के प्रयासों को सफल बनाने के लिए आज यह करार किया गया है। जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र अपशिष्ट पदार्थों के सही प्रबंधन के माध्यम से उर्जा उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने में  अनुसंधान  करेंगे।

 इस अवसर पर माननीय सांसद  राजेंद्र अग्रवाल  ने  विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि कहां की हम सौभाग्यशाली हैं कि शोभित विश्वविद्यालय जैसा शिक्षण संस्थान हमारे मेरठ शहर में स्थित है। शोभित विश्वविद्यालय अपने छात्रों के साथ साथ क्षेत्र के एवं देश के विकास के लिए जो सराहनीय कार्य कर रहा है वह काबिले तारीफ है। क्योंकि आज भारत सरकार  भी अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन पर कार्य कर रही है। उसी दिशा में आज शोभित विश्वविद्यालय में इस सेंटर की स्थापना की गई है। जिससे आने वाले समय में  सॉलि़ड वेस्ट का सही प्रबंधन कर उसको वेल्थ में तब्दील किया जाए। इस अवसर पर मेरठ के नगर आयुक्त डॉ  अमित पाल शर्मा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर लखनऊ से जूम प्रजेंटेशन के माध्यम से एडीशनल चीफ सेक्रेट्री  एनर्जी एंड एडिशनल एनर्जी रिसोर्सेस डिपार्टमेंट उत्तर प्रदेश सरकार श्री महेश गुप्ता जी  ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को तलाश रही है। जिसके लिए बहुत सारे प्रपोजल आ रहे हैं। लेकिन उसमें सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि अगर हम कहीं पर इस तरह का कोई प्लांट लगाते हैं तो उसके लिए पर्याप्त मात्रा में अपशिष्ट  उपलब्ध नहीं हो पा रहा। जिसके चलते प्रोजेक्ट काम नहीं कर पा रहा है। आज  शोभित विश्वविद्यालय  मैं इस सेंटर की स्थापना होने से निश्चित रूप से कोई ना कोई नया विकल्प सामने आएगा। जिसके माध्यम से हम अपशिष्ट पदार्थ का सही प्रबंधन कर उसको वेस्ट टू वेल्थ  पर लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमें इस दिशा में बेहतर कार्य करना है तो निश्चित रूप से हमें अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षण संस्थानों एवं जिन संस्थाओं से अधिक मात्रा में अपशिष्ट निकलता है उनके साथ मिलकर कार्य करना होगा तब कहीं जाकर हम वेस्ट टू वेल्थ के सपने को साकार कर पाएंगे। इस अवसर पर विश्व विद्यालय के सभी विभागों के डीन एवं निदेशक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।