गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर हाथो में लिये मुख्यमंत्री जी की सभा मे उठाया शिक्षा का मुद्दा ।

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर हाथो में लिये मुख्यमंत्री जी की सभा मे उठाया शिक्षा का मुद्दा ।

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा।

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर हाथो में लिये मुख्यमंत्री जी की सभा मे उठाया शिक्षा का मुद्दा ।

प्रबुद्ध संम्मेलन में मुख्यमंत्री जी सुनो पुकार बंद करो शिक्षा का व्यापार के लगे नारे 

कल गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी का प्रबुद्ध सम्मेलन में आगमन था आगमन से पूर्व ही गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्य्क्ष सीमा त्यागी को सुबह 5 बजे ही पुलिस प्रशासन ने उनके संजय नगर आवास पहुँचकर मुख्यमंत्री जी के जाने तक नजरबंद कर दिया गया जिसकी वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिस पर आमजन और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त हो गया जिसके बाद गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी और अभिभावकों द्वारा शिक्षा का मुद्दा और पेरेंट्स की पीड़ा मुख्यमंत्री जी तक पहुचाने के लिए उनकी सभा मे उठाने का निर्णय लिया गया और लभग 300 की संख्या में अभिभावक मुख्यमंत्री जी की सभा मे पहुँच गये लेकिन प्रशासन की कड़ी चैकिंग होने के कारण जीपीए के पदाधिकारी और अभिभावक एक लाइन में नही बैठ पाये और वहा तीन लाइनों में बटकर बैठने को मजबूर होना पड़ा इस बीच जैसे ही मंच पर विराजमान प्रबुद्ध लोगो को सम्बोधन समाप्त हुआ और मुख्यमंत्री जी ने अपना संबोधन शरू किया तभी गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की टीम और अभिभावकों में मुख्यमंत्री जी के नाम का जयकारा लगाते हुये शिक्षा के नारे" मुख्यमंत्री जी सुनो पुकार बंद करो शिक्षा का व्यापार " "महँगी शिक्षा महँगा ज्ञान कैसे बनेगा देश महान "लिखे पोस्टर हाथो में लिए कुर्सियों पर चढ़कर लगभग 3 मिनट तक मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकर्षित करने के लिए नारे लगाए तत्काल ही पुलिस प्रशासन और एसडीएम सदर विनय कुमार ने मौके पर पहुँच कर पेरेंट्स से पोस्टर और बैनर छीन लिया । इतना देख सभा मे हड़कंप मच चुका था लेकिन गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन अपने शिक्षा के मुद्दे को उठाने के मकसद में कामयाब हो चुकी थी और प्रशासन सकते में है कि आखिर इतनी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी चेकिंग होने के बाद भी स्लोगन लिखे पोस्टर और ज्ञापन सभा मे पहुँचे कैसे गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के सचिव अनिल सिंह का कहना था हर बार प्रशासन अन्यायपूर्ण रवैया दिखाकर पदाधिकारियों को नजरबंद कर देता है जो जीपीए की अध्य्क्ष को सुबह 5 बजे ही नजरबंद करके इस बार भी किया प्रशासन मुख्यमंत्री जी तक पेरेंट्स की पीड़ा को पहुचने ही नही देता शायद यहां की एक बहुत बड़ी शिक्षा माफिया लॉबी और जिला प्रशासन को कार्यवाई का डर रहता है कि कही पेरेंट्स की पीड़ा मुख्यमंत्री जी तक न पहुँच जाये लेकिन इस बार हमने अपनी रणनीति में बदलाव कर मुख्यमंत्री जी तक पेरेंट्स की पीड़ा पहुचाने का प्रण लिया हम मान्य मुख्यमंत्री जी तक शिक्षा के 10 महत्वपूर्ण बिन्दुओ एवम एबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हार्दिक वत्स एवम छात्रा साक्षी की आत्महत्या के प्रकरण को लेकर ज्ञापन सौपना चाहते थे जिसको लेकर हमने मुख्यमंत्री जी की सभा मे आवाज उठाई और ये बिंदु पढ़कर अगर गाजियाबाद का कोई भी प्रबुद्ध व्यक्ति गलत बताए तो हम किसी भी सजा के हकदार है हमे उम्मीद है कि हमारी आवाज मुख्यमंत्री जी तक पहुँची होगी और मुख्यमंत्री जी सज्ञान लेकर शिक्षा के व्यवसाईकरण पर रोक अवश्य लगाएगी । प्रशासन ने कार्यवाई की धमकी दी है हम सभी क्रांतिकारी है और अगर प्रशासन शिक्षा की आवाज उठाने पर हमें जेल भी भेजेगा तो हम तैयार है लेकिन ये शिक्षा के मुद्दों को हम इसी तरह उठाते रहेंगे जब तक कि इनका कोई ठोस समाधान सरकार नही करती