मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के लिये बेरिएट्रिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प

मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के लिये बेरिएट्रिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प

दी न्यूज एशिया समाचार सेवा 

मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प

मेरठ, 27 नवंबर 2023: हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) से जूझ रहे लोगों के लिए लैप्रोस्कोपिक स्लीव गेस्ट्रोक्टॉमी (एलएसजी) एक बेहतरीन प्रक्रिया साबित हुई है. इस एडवांस तकनीक से की जाने वाली बेरिएट्रिक प्रक्रियाओं के महत्व को उजागर करने के मकसद से मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज (नई दिल्ली) के डॉक्टरों ने आज एक जन जागरूकता सत्र का आयोजन किया।

एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर आशीष गौतम  ने 50 वर्षीय मरीज योगेश त्यागी के केस के बारे में जानकारी दी, जिनका बीएमआई 59 था. इस बीएमआई के कारण योगेश त्यागी को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्याएं हो रही थीं, जिससे उनका जीवन मुश्किल हो गया था.

 लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर आशीष गौतम ने केस की जानकारी देते हुए बताया, "मरीज योगेश को मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज में दोनों घुटनों में मोटापे, ओएसए और ऑस्टियोआर्थराइटिस की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था. हाई बीएमआई को लंबे समय से हृदय रोगों, डायबिटीज, स्लीप एपनिया और पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस सहित अन्य दिक्कतें थीं. सामान्य सीमा से अधिक बीएमआई वाले लोगों को इस तरह की समस्याएं होने का रिस्क ज्यादा रहता है जिससे उनकी क्वालिटी लाइफ पर असर पड़ता है. गहन जांच पड़ताल के बाद मरीज की लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी की सलाह दी गई. मरीज की सफलतापूर्वक गैस्ट्रेक्टोमी की गई और अब वो पूरी तरह से ठीक है. सर्जरी के बाद उन्होंने अब तक 50 किलो वजन कम कर किया है.''

लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी एक मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पेट के एक हिस्से को हटाया जाता है. इस सर्जरी से पेट का साइज कम हो जाता है. इस कमी से न केवल व्यक्ति की खाने की लिमिट कंट्रोल होती है बल्कि इससे हार्मोनल परिवर्तनों पर भी असर पड़ता है, जिनका वजन घटाने में अहम योगदान रहता है. इस प्रक्रिया की सफलता के चलते ये काफी पॉपुलर हो गई है.

डॉक्टर आशीष गौतम ने इन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में बेरिएट्रिक सर्जरी के महत्व पर जोर दिया. योगेश त्यागी का मामला दिखाता है कि हाई बीएमआई वाले मरीजों पर लैप्रोस्कोपिक स्लीव गेस्ट्रोक्टॉमी काफी असरदार रहता है. यह प्रक्रिया न केवल वजन कम करने में सहायता करती है, बल्कि संबंधित स्वास्थ्य परेशानियों को रोकने और मैनेज करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

लैप स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी सिर्फ ज्यादा वजन कम करने के लिए नहीं होती है, इससे व्यक्ति को फिर से हेल्थ प्राप्त करने में भी मदद मिलती है. योगेश त्यागी की सफलता की कहानी इस प्रक्रिया की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाती है, जो हाई बीएमआई के स्वास्थ्य प्रभावों से जूझ रहे व्यक्तियों को उम्मीद देती है.

हाई बीएमआई के चलते योगेश त्यागी के लिए जो चुनौतियां खड़ी हो रही थीं, उनके लिए लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी की गई. ये सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिससे उनके समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ. सर्जरी के बाद योगेश त्यागी ने वजन घटाने, घुटने के दर्द को कम करने और नींद के पैटर्न में सुधार का अनुभव किया, जो एक स्वस्थ जीवन शैली और सामाजिक जीवन का आनंद लेने की दिशा में एक परिवर्तनकारी यात्रा को चिह्नित करता है.

यह मामला मोटापे से परेशान लोगों की समस्या दूर करने के लिए बेहतर इलाज की उम्मीद रखने वालों के एक अच्छा विकल्प है. बेरिएट्रिक सर्जरी स्वस्थ जीवन जीने का लक्ष्य रखने वाले लोगों के लिए उम्मीद की किरण का काम करती है.