“डिजिटल जनरेशन-अवर जनरेशन” थीम पर मनाया राष्ट्रीय बालिका दिवस

 “डिजिटल जनरेशन-अवर जनरेशन” थीम पर मनाया  राष्ट्रीय बालिका दिवस

 

दी न्यूज़ एशिया समाचार सेवा l

“डिजिटल जनरेशन-अवर जनरेशन” थीम पर मनाया

राष्ट्रीय बालिका दिवस

 सीएमओ कार्यालय से रवाना हुई जागरूकता रैली, सीएमओ ने दिखायी हरी झंडी
 मेरठ, 24 जनवरी 2023।   जनपद में मंगलवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 10.30 बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. अखिलेश मोहन, डॉ अशोक तालियान, डीपीएम मनीष बिसारिया, यूनिसेफ से नजमू निशा आदि ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली सीएमओ कार्यालय से अम्बेडकर चौराहा, डीएम आफिस  स्पोर्टस स्टेडियम होते हुए सीएमओ कार्यालय पर समाप्त हुई। रैली में हाथों में बैनर लिए छात्राओं ने बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ व बेटियों को भ्रूण में न मारो, बेटियां किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं के नारे लगाए।  बालिका दिवस की इस वर्ष की थीम डिजिटल जनरेशन.अवर जनरेशन है।
              मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया- यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री की मुहिम है। उन्होंने कहा समाज में लिंग समानता की भावना पैदा करनी है, इसी उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गयी। उन्होंने बताया- गर्भ धारण व प्रसव पूर्व निदान तकनीक विनियमन तथा दुरुपयोग अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) कार्यक्रम के तहत जो नियमों की अनदेखी करेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई जाएगी।
 सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा- रैली निकालकर मेरठ की जनता को यह मैसेज दिया जा रहा है कि बेटियों को भ्रूण में न मारें। वह किसी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के बारे में जनता को जागरूक किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रवीण गौतम ने बताया. राष्ट्रीय बालिका दिवस पर रैली और कार्यशाला के माध्यम से बालिकाओं के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया । लोगों तक यह संदेश पहुंचना जरूरी है कि समाज में बालिकाओं का भी उतना ही महत्व है जितना बालकों का।  उन्होंने बताया गर्भ धारण व प्रसव पूर्व निदान तकनीक विनियमन तथा दुरुपयोग अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) के तहत भूण लिंग जांच पर रोक है। इसके तहत जनपद में नियमित रूप से चिकित्सालयों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया जाता है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी सूरत में भ्रूण लिंग जांच न हो। जांच करने पर पकड़े जाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा. पीसीपीएनडीटी के तहत की जा रही कार्रवाई का सुखद परिणाम सामने आ रहा है। देशभर में लिंगानुपात बढ़ा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण.5 एनएफएचएस के अनुसार राष्ट्रीय स्तर सन-2022 यह आकड़ा 1020 पहुंच गया है। यानि एक हजार बालकों पर 1020 बालिकाएं पैदा हुईं।  मेरठ में एक हजार बालकों पर 957 बालिका हैं।
  नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस
राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन वर्ष 1966 में इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। समाज में बालक.बालिकाओं में समानता लाने के लिए इस दिन को मनाने की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सन् 2008 में की थी। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य समाज में लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि हर लड़की को मानवीय अधिकार मिले।