संसार में आई विकृतिया ध्यान साधना से दूर होंगी। आचार्य यशोवर्धन ।

8 वे योग दिवस पर थीम "मानवता के लिए योग थींम" पर बच्चो व बड़ो ने किया योग अभयास ।

संसार में आई विकृतिया ध्यान साधना से दूर होंगी। आचार्य यशोवर्धन ।
संसार में आई विकृतिया ध्यान साधना से दूर होंगी। आचार्य यशोवर्धन ।

दी न्युज़ एशिया समाचार सेवा ।

*8 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मानवता के लिए योग थीम पर बच्चों,बड़ों ने किया योगाभ्यास*

*संसार में आयी विकृतियां ध्यान साधना से होंगी दूर- आचार्य यशोवर्धन*

*योग समग्र जीवन आनंदित जीने की कला है- केके अरोड़ा*

गाजियाबाद मंगलवार 21-06- 2022 को अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान पंजीकृत एवं दैनिक जागरण गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में 8 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मानवता के लिए योग थीम पर बच्चों,बड़ों ने मिलकर सुख सागर फार्म हाउस पाण्डव नगर में योगाभ्यास किया।सत्र का शुभारंभ आचार्य जी के साथ संस्थान के सभी ट्रस्टीयों ने दीप प्रज्वलित कर किया। संस्थान के महामंत्री डीएन शर्मा ने ओ३म् की ध्वनि व गायत्री मंत्र से कराया । मिडिया प्रभारी प्रवीण आर्य जी ने एक सुन्दर योग गीत सुनाया। 

राज नगर एक्सटेंशन से पधारी कु.दीया और कु.दिशा ने सरस्वती वंदना पर नृत्य से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संस्थान के उपाध्यक्ष श्री मनमोहन वोहरा ने आचार्य जी का परिचय देते हुए बताया कि आचार्य जी मानव स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्यरत रहते हैं वह हर वर्ष लाखों लोगों को डेंगू चिकनगुनिया की दवाई निशुल्क पिलाते हैं इसके अतिरिक्त उनके प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी मानव स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्यरत हैं। 
परम श्रद्धेय आचार्य यशोवर्धन जी ने कहा कि आज पूरा विश्व आठवां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है उसी कड़ी में संस्थान द्वारा मनाए जाने पर बधाई दी उन्होंने योग की महत्ता एवं आवश्यकता पर अपना उद्बोधन देते हुए कहा कि योग केवल शरीर को साधने की कला नहीं है,शरीर को कितना भी साध लो जब तक विचारात्मक भावनात्मक परिवर्तन नहीं होगा,काम नहीं चलेगा,सम्पूर्ण संसार में जो विकृतियां आ रही हैं वह ध्यान योग से दूर होंगी।उन्होंने साधकों को सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार ग्रीवा संचालन, वज्रासन,तितली आसन,पैरों के सूक्ष्म अभ्यास,अर्ध उष्ट्रासन, शशांकासन,मकरासन,बालमचलानासन,शवासन,नाड़ी शोधन, अनुलोमविलोम,कपालभांति,भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया एवं इसके लाभों की चर्चा की।आचार्य जी ने साधकों को  ध्यान मुद्रा मे बैठाकर शांत मन से ईश्वर का ध्यान करने के लिए कहा जिससे सभी को परम शांति का अनुभव हुआ। 

श्रीमती सीमा गोयल, मीता खन्ना एवं साथियों ने साज बाज के साथ योग के गीतों पर योगासनों  का सुंदर प्रदर्शन किया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। 

डॉ आरके पोद्दार, डा0 रतनलाल, अशोक शास्त्री,  सुभाष गर्ग जी ने आचार्य जी को मोमेंटो  प्रदान कर सम्मानित किया। 

संस्थान के अध्यक्ष श्री केके अरोड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग समग्र जीवन आनंदित जीने की कला है।यह एक ऐसा विज्ञान है जो मानव स्वास्थ्य की उन्नति करता है तथा मानव जिस उद्देश्य से संसार में आया है उस और भी प्रेरित करता है।

मुख्य संयोजक श्री लक्ष्मण कुमार गुप्ता ने सुन्दर प्रदर्शन पर दो बेटियों को सम्मानित करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों,दैनिक जागरण की टीम के पूर्ण सहयोग के लिए एवं बच्चों को योग सत्र में भाग लेने पर हार्दिक आभार व्यक्त किया।

मंच संचालक प्रदीप त्यागी ने  कहा कि आत्मा और परमात्मा का मिलन योग द्वारा सम्भव है, माननीय नरेंद्र मोदी जी ने इस विद्या को विश्व पटल तक पहुंचाया है।

वरिष्ठ योग शिक्षिका वीना वोहरा व शिक्षक अशील जी ने सुन्दर डेमोस्ट्रेशन प्रस्तुत किया जिसे देखकर सबने सुन्दर अभ्यास किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमित पोपलि, महेश आहुजा, सीए के॰ के॰ कोहली, राजीव जिन्दल एवं सभी योग शिक्षक- शिक्षिकाओं ने अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती प्रमिला सिंह ने सभी को हास्यासन कराया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री राजीव तीतोरिया,राजेश शर्मा,हरिओम सिंह एवं श्रीमती उमा शर्मा, रेखा गुलाटी, गीता गर्ग, सुधा शर्मा, फुलां देवी,सुधा गर्ग आदि उपस्थित रहे।

डा॰ मधु पोद्दार, डा॰ निशा, सीमा गोयल अंजलि गर्ग एवं साथियों ने वैदिक प्रार्थना व शांति पाठ कराया। श्री सुशील अग्रवाल, सी॰बी॰गुप्ता, एवं विजय चौधरी ने सात्विक प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम सम्पन्न कराया l

मेरठ । ब्यूरो हरिओम ठाकुर ।